RAJESH _ REPORTER

अब कलम से न लिखा जाएगा इस दौर का हाल अब तो हाथों में कोई तेज कटारी रखिये

169 Posts

347 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 2623 postid : 346

टूटने वाली है जनता दल यूनाइटेड ?

  • SocialTwist Tell-a-Friend

जे डीयू के राष्ट्रीय सचिव शिव राज सिंह ने आज नितीश कुमार पर प्रहार करते हुई जिस प्रकार उन्हें अति महत्वाकांक्षी बताते हुए नरेन्द्र मोदी की तारीफ की और नितीश को बुरा भला कहते हुए बताया की ऐसा कोई सगा नहीं जिसे नितीश ने ठगा नहीं . क्या इसके कुछ नतीजे भी निकलेंगे या फिर जैसे चल रहा है वैसे ही चलता रहेगा .क्योकि राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक में मोदी पर आज भी एक राय नहीं बन पाई है आज बहुत दिनों बाद जे डी यू के किसी नेता ने दम ख़म दिखाते हुए नितीश पर निशाना साधा है जबकि अन्य नेता चाहे शरद यादव ही क्यों ना हो नितीश के आगे नत मस्तक ही दीखते है आप को याद होगा राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह को कैसे नितीश ने सत्ता प्राप्ति के बाद किनारे किया था जबकि ललन सिंह नितीश के सुख दुःख के साथी बताये जाते थे और राबड़ी देवी ने तो दोनों को साला बहनोई तक बता डाला था वही उपेन्द्र कुशवाहा भी कुछ कम हस्ती नहीं रखते थे और पुराने दिनों के साथी थे लेकिन नितीश की मह्त्वकंषा दिन प्रति दिन ऐसी बढती गई की विरोधियो को एक के बाद एक किनारे करते गए और तो और जार्ज फर्नांडिस जिन्होंने नितीश को राजनीती का ककहरा सिखाया उन्हें भी नहीं बख्सा और जीवन के अंतिम दिनों में नितीश जार्ज साहब को छोड़ दिया ये तो है नितीश बाबु ऐसे अनेको उद्धरण है इनके गिरगिट की तरह रंग बदलने के लेकिन बिहार में भाजपा की वैसाखी पर चलने वाले नितीश बाबु आज भाजपा को ही मुह चिढ़ा रहे है तो इसके पीछे जिम्मेवार भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व ही है जिसने इन्हें कुर्सी तक पहुचाया आज जे डी यू ६ -८ महीने समय भाजपा को देने की बात कर रहा है प्रधान मंत्री पद पर एक राय बनाये जाने पर यकीन मानिये बिहार के ब्रह्मण ,राजपूत कोइरी ,कुर्मी के जिस गठजोड़ पर ये कुर्सी पर बैठे है आज यदि भाजपा नाता तोड़ ले तो नितीश बाबु औंधे मुह गिरेंगे लेकिन उप मुख्या मंत्री सुशील मोदी जैसा पाठ केंद्रीय नेतृत्व को पढ़ाते है ऊपर वाले वही पढ़ रहे है जिसका खामियाजा भी भाजपा को ही उठाना पड़ेगा
जबकि २०१४ के बाद २०१५ में बिहार विधान सभा के चुनाव भी होने है .ऐसे में जब जे डी यू का एक धडा बगावत पर उतारू है भाजपा को चाहिए की नितीश कुमार से समर्थन वापस ले और बिहार में लोक सभा और विधान सभा चुनाव एक साथ करवाए तब नितीश बाबु को पता चले की उनकी औकात क्या है ?

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran