RAJESH _ REPORTER

अब कलम से न लिखा जाएगा इस दौर का हाल अब तो हाथों में कोई तेज कटारी रखिये

170 Posts

347 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 2623 postid : 360

सपा सरकार का खेल आतंकियो को मिल रहा बेल ?

  • SocialTwist Tell-a-Friend

समाज वादी पार्टी जब उत्तर प्रदेश में दुबारा सत्ता में आई तो आम जनता को उम्मीद थी की इस बार सत्ता की कमान मुल्ला मुलायम ने अखिलेश यादव जैसे युवा नेता को सौपी है उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकाश की राह में अग्रसर होगा किन्तु अखिलेश के सत्ता समहालने के अभी एक वर्ष और कुछ ही महीने हुए है सरकार का रंग रूप दोनों साफ झलकने लगा है मुश्लिम तुष्टिकरण की निति के तहत अखिलेश सरकार ने बिना शर्म राष्ट्र विरोधी गतिविधिओ में सामिल अपराधियो के मुक़दमे वापस लेने की घोषणा कर दी यही नहीं फैजाबाद सीरियल बम धमाको के आरोपी खालिद मुजाहिद को छुडवाने के सभी हतकंडे सरकार द्वारा अपनाये गए लेकिन ऊपर वाले की मार देखिये सारा खेल धरा का धरा रह गया और खालिद की मौत कोर्ट से वापस लाने के क्रम में हो गई तो सरकार ने ४२ पुलिस वालो पर मुकदमा दर्ज कर दिया वही दूसरा मामला मोह्हमद इक़बाल का है जो की हुजी का प्रमुख सद्श्य था और युवाओ को ट्रेनिंग देकर आतंकी बनाता था अदालती पत्रावली के अनुसार हूजी के आतंकी जलालुद्दीन उर्फ बाबू तथा नौशाद की गिरफ्तारी के बाद 23 जून 2007 को थाना वजीरगंज में रिपोर्ट दर्ज की गई थी और उसके बाद इक़बाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था यही नहीं सिविल कोर्ट कचेहरी लखनऊ में हुए बम विस्फोट के आरोपियों सहित सात आतंकियों पर चल रहा मुकदमा वापस लेने के लिए भी सपा सरकार ने अर्जी दी है साथ ही कचहरी सीरियल ब्लास्ट के आरोपी खालिद मुजाहिद की मौत के बाद अब सपा सरकार दूसरे अभियुक्त तारिक काजमी के विरुद्ध दर्ज मुकदमे की वापसी के लिए हाई कोर्ट में विशेष याचिका दायर करेगी। यह कदम बाराबंकी की न्यायालय से मुकदमा वापसी की शासन की सिफारिश खारिज होने के बाद उठाया जा रहा है। सोमवार को गृह सचिव आरएन उपाध्याय ने बताया कि कुल 29 मामलों में 15 मामलों में मुकदमा वापस लेने के लिए संबंधित अदालतों में अर्जी दी गई है। उन्होंने बताया कि दस वादों में निर्णय नहीं हो सका है, जबकि बाकी प्रकरण न्याय विभाग के पास विचाराधीन हैं। सपा सरकार ने जिन आरोपियों का मुकदमा वापस करने की पहल की है, उसमें वर्ष 2007 में गोरखपुर, फैजाबाद, वाराणसी व लखनऊ में हुए विस्फोट के आरोपी तारिक कासमी व खालिद मुजाहिद का नाम प्रमुख है। इनके अलावा 2008 में रामपुर में सीआरपीएफ कैंप में हुए हमले के आरोपी जावेद उर्फ गुड्डू, ताज मुहम्मद और मकसूद का भी मुकदमा वापसी की सूची में शामिल हैं। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोपी नौशाद, याकूब और नासिर हुसैन के लखनऊ में चल रहे मामले को भी वापस लेने के लिए अर्जी विचाराधीन है। अहमद हसन उर्फ बाबू व शमीम की वाराणसी की अदालत, मुहम्मद कलीम अख्तर और अब्दुल मोइन की लखनऊ अदालत तथा अरशद, सितारा बेगम और इम्तेयाज अली की कानपुर नगर की अदालत में रिहाई के लिए सरकार ने अर्जी लगाई है।गौरतलब है कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद डॉ. रामगोपाल यादव ने रविवार को इटावा में मुस्लिम समाज द्वारा आयोजित एक समारोह में कहा था कि पार्टी अब तक प्रदेश में 200 निर्दोष मुस्लिम नौजवानों को जेलों से रिहा करा चुकी है और 400 मुस्लिमों से मुकदमे वापस हो चुके हैं। रामगोपाल कैसे कह सकते है ये निर्दोष थे यदि थे तो इन्हें फ़साने वाले पुलिस कर्मियों पर सरकार ने क्या करवाई की यदि नहीं की तो क्यों ?आखिर जब ऐसे संगीन मामले इन लोगो पर दर्ज हो तब क्यों सरकार इनसे यह मुकदमा वापस लेना चाहती है क्या सिर्फ वोट बैंक के लिए किसी को यह इजाजत कोर्ट दे सकती है ?

blast ka aaropi jalauddin

blast ka aaropi jalauddin

गौरतलब हो की इन बम विस्फोटो में सैकड़ो जाने गई सैकड़ो घर बर्बाद हुए बच्चे अनाथ हुए ,औरते विधवा हुई उन्हें इंसाफ कौन देगा क्या सरकार की उन परिवारों के प्रति कोई जिम्मेवारी नहीं है ? यदि ये निर्दोष है तो न्यायलय सक्षम है इन्हें बाइज्जत बरी करने के लिए साथ ही ऐसे पुलिस वालो पर भी करवाई होना चाहिए जिन्होंने निर्दोष युवको को बेवजह ऐसे मुकदमो में फसाया ?क्या सरकार द्वारा उठाये गए ऐसे कदम से सुरक्षा बलों और पुलिस तंत्र का मनोबल नहीं टूटेगा .यही नहीं ऐसे निर्णयो से देश के मुसलमानों में भी भ्रम की स्तिथि उत्पन होगी की मुसलमान युवाओ को पुलिस बेवजह फसाती है और ऐसा देखा भी जा रहा है जब पुलिस किसी मुस्लिम युवक को गिरफ्तार करती है तो अब इसका मुखर विरोध होने लगा है लोग पुलिस पर सवालिया निसान खड़े करने लगे है मेरे विचार से समाज वादी पार्टी सरकार के ऐसे निर्णयो का पुरे देश में विरोध होना चाहिए ताकि कोई भी सरकार वोट बैंक की राजनीती के लिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की हिम्मत ना दिखाए .

अखिलेश यादव से भारत का आम नागरिक होने के नाते ५ सवाल ?
(१) क्या जिन आरोपिओ के मुक़दमे वापस लिए जा रहे है वो सभी निर्दोष है ?
(२) निर्दोष है तो ऐसे पुलिस वालो पर सरकार क्या करवाई कर रही है ?
(३) क्या मुकदमा वापस लेने से सुरक्षा बलों का मनोबल नहीं टूटेगा ?
(४) विस्फोटो में मारे गए नागरिको को न्याय कौन देगा ?
(५) नागरिको के पुनर्वास के लिए सपा सरकार ने क्या कदम उठाये है आज तक ?

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

3 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Vipin Mehrotra के द्वारा
June 2, 2013

very True

    jagojagobharat के द्वारा
    June 2, 2013

    बहुत बहुत धन्यवाद विपिन जी

ऋषभ शुक्ला के द्वारा
May 21, 2013

आज मै एक ऐसी रचना लेकर आप सब के सामने उपस्थित हुआ हूँ, जिसे पढ़कर आप सब की आँखे नाम हो जायेगी. और यही हमारे देश की कड़वी सच्चाई भी है, इस कविता के माध्यम से मै ऋषभ शुक्ला, इस समाज का निर्दयी ही सही लेकिन है तो सच. आज हमारे समाज के लोग महिलाओ के प्रती वही पुरानी सोच रखते है जो वह हमेशा रखते आये है, और आगे भी ऐसी ही सोच रखने का इरादा है. गरीब माँ-बाप अपनी बेटियों को बोझ समझते है और वह संतान के रूप में एक बेटा चाहते है, और इसके लिए वह गर्भ में ही जाच के द्वारा उन्हें यदी पता चल गया की गर्भ में बच्ची है तो उसे इस दुनिया में आने से पहले ही मार देते है, उस नन्ही सी जान को जो इस निर्मम दुनिया में आने को बेताब रहती है, उसकी सभी इच्छाओ को भी मार देते है . मै इस कविता के माध्यम से उस छोटी गुडिया के दर्द को आप सब से मुखातिब करने का प्रयत्न कर रहा हूँ. कृपया मेरी गुजारिश है की आप सब इस लिंक को देखे और उसके बारे में कम से कम दो शब्द कहे. यदी कमेंट देने में कोई असुविधा हो तो उसे लाइक करे या वोट करे. http://rushabhshukla.jagranjunction.com/?p=25 शुक्रिया


topic of the week



latest from jagran